संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव ने ज़ायोनी जेल में फ़िलिस्तीनी शहीद शेख अदनान ख़िज़्र की शहादत की जांच की मांग की है। राष्ट्रसंघ के प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि एंटोनियों गुटेरस ने अदनान ख़िज़्र की शहादत के बाद होने वाले परिवर्तनों के बारे में चिंता जताई है। राष्ट्रसंघ के महासचिव ने इस्राईली अधिकारियों सेे कहा है कि बिना मुक़द्दमे के नज़रबंदी की शैली को उसे छोड़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि वे सारे लोग जो बिना किसी मुक़द्दमे के नज़रबंद हैं उनपर या तो न्यायालय में क़ानून के हिसाब से केस चलाया जाए या फिर उनको तुरंत आज़ाद कर दिया जाए।
याद रहे कि 86 दिनों की भूख हड़ताल के बाद 2 मई 2023 को फ़िलिस्तीनी बंदी, शेख अदनान ख़िज़्र ज़ायोनी जेल में शहीद हो गए। ज़ायोनी जेल के भीतर अदनान ख़िज़्र की शहादत पर फ़िलिस्तीन के प्रतिरोधक गुटों ने तीखी प्रतिक्रया देते हुए कहा है कि इसका बदला ज़रूर लिया जाएगा। फ़िलिस्तीनी संगठनों का कहना है कि इस्राईल को उसके इस अपराध के लिए सज़ा दी जाएगी।
अदनान ख़िज़्र की शहादत की ख़बर मिलने के बाद फ़िलिस्तीनी संगठनो ने इस्राईली क्षेत्रों पर मिसाइल बरसाए। फ़िलिस्तीनी क़ैदियों के मामलों की समिति का कहना है कि वास्तव में इस्राईल ने उनकी जेल में हत्या की है।
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